Society

वैज्ञानिक विश्लेषण: सवालों का पूछा जाना क्यों जरूरी है?

सारांश यह है कि हम जो हैं, जहां रहते हैं, जिनके बीच जीवन बीतता है, जिस प्रोफेशन में हैं, जो अनचेतन मन में समाहित है, वैसा ही व्यवहार बाहर परिलक्षित होता है. वैसे ही हम खुश या दुखी होते हैं. वैसे ही प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं. वैसे ही दूसरे के विचारों को देखते हैं. वैसे ही किसी बात, घटना, परिस्थिति या सिस्टम पर सवाल करते हैं या नहीं करते बल्कि पूर्णत: विश्वास जताते हैं.

सोशल मीडिया साइट्स और उनका समाज पर पॉजिटिव प्रभाव

सोशल मीडिया सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में कार्य कर रहा है. जहां लोग अपने लेखों, आडियो या वीडियो के माध्यम से कंटेंट पोस्ट कर रहे और दूसरे लोग सीख रहे हैं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण खान अकादमी है जिसके हजारों वीडियो यूट्यूब पर हैं और उन्हें दुनियाभर के स्टूडेंट्स देख कर सीख रहे हैं.

अगर आप यह नहीं करते तो आप का जीवन व्यर्थ है, जानिए क्या!

जब वह सुबह उठते हैं उनके पूरे शरीर में बहुत दर्द रहता है, शरीर में स्थित हो जाती है यानी कि लचीलापन गायब हो जाता है इन सब चीज को दूर करने का सिर्फ और सिर्फ एक उपाय है वह है सूर्य नमस्कार.

मुझे तो बस भगवान से शिकायत है, जमाने से नहीं! जमाने का क्या?

उसके पति यह सुनकर हैरान थे कि इतनी छोटी सी उम्र में निकिता ने यह निर्णय क्यों लिया?  कहीं इसके साथ कुछ गलत तो नहीं हुआ. मन इस आशंका से कांप उठा.

आखिर शादी के बाद बेटे में ही बदलाव क्यों आता है बेटियों में क्यों नहीं?

शुरु शुरु में तो हस्बैंड इन सब बातों को नकारते हैं लेकिन धीरे-धीरे अपने पत्नियों के प्यार में इतने अंधे हो जाते हैं कि उन्हें भूल जाता है कि यही मां, बाप, भाई, बहन हैं जो उनके लिए जान देते थे और आज भी देते हैं. यह सभी बातें वह बेटा भूल जाता है

क्या आपके पास खाना बनाने का समय नहीं है? तो यह जरूर करें

वजन कम करने में भी फलों की अहम भूमिका होती है. फल हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाये रखता है.
प्रतिदिन फल खाने से कई बीमारियों के होने की आशंका कम होती है. यह ऐसा स्नैक है जिसे कभी भी खाया जा सकता है. आज आपको बता रहे हैं किस फल में कौन-कौन से पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं.

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